1. फिक्स सैलरी मॉडल (Salary Basis)
कैसे काम करता है
- मालिक ड्राइवर को मासिक फिक्स वेतन देता है
- Ola/Uber की पूरी कमाई मालिक की होती है
आम सैलरी (Delhi NCR)
- ₹18,000 – ₹20,000 प्रति माह
- कभी-कभी ₹22,000 तक (अगर ड्यूटी 12–14 घंटे हो)
खर्च कौन उठाता है
- ईंधन: मालिक
- सर्विस / मेंटेनेंस: मालिक
- टोल / पार्किंग: अक्सर मालिक
कब उपयोग होता है
- कॉर्पोरेट / लॉन्ग टर्म अटैचमेंट
- जब मालिक कंट्रोल में रहना चाहता है
2. डेली टारगेट / कलेक्शन मॉडल (सबसे ज्यादा प्रचलित)
कैसे काम करता है
- ड्राइवर रोज़ तय रकम मालिक को देता है
- बाकी कमाई ड्राइवर की होती है
Delhi NCR में आम टारगेट
- Hatchback: ₹1,000 – ₹1,200 / दिन
- Sedan: ₹1,200 – ₹1,500 / दिन
- SUV: ₹1,600 – ₹2,000 / दिन
ईंधन
- ड्राइवर खुद भरता है
मेंटेनेंस
- बड़े खर्च मालिक
- छोटे खर्च ड्राइवर
ड्राइवर की कमाई
- ₹20,000 – ₹35,000 / माह (काम और surge पर निर्भर)
3. रेवेन्यू शेयर मॉडल (Commission / Percentage)
कैसे काम करता है
- Ola/Uber से जो नेट कमाई आती है, उसे प्रतिशत में बाँटते हैं
आम अनुपात
- 60% ड्राइवर : 40% मालिक
- 65% ड्राइवर : 35% मालिक
- कभी-कभी 70:30
ईंधन
- ज़्यादातर ड्राइवर देता है
कब चलता है
- भरोसेमंद ड्राइवर
- नई गाड़ी या पार्ट-टाइम ऑपरेशन
4. लीज / फिक्स रेंट मॉडल
कैसे काम करता है
- ड्राइवर गाड़ी किराये पर लेता है
- Ola/Uber अकाउंट भी ड्राइवर का
आम किराया
- ₹18,000 – ₹25,000 / माह (Sedan)
- ₹25,000 – ₹35,000 / माह (SUV)
फायदा
- मालिक को फिक्स इनकम
- ड्राइवर फुल फ्री
5. हाइब्रिड मॉडल (Salary + Incentive)
कैसे काम करता है
- फिक्स सैलरी + टारगेट पूरा करने पर इंसेंटिव
उदाहरण
- ₹10,000 फिक्स + ₹2,000–₹5,000 इंसेंटिव
- ट्रिप / रेटिंग / अटेंडेंस बेस्ड
कब इस्तेमाल होता है
- नई गाड़ी
- नया ड्राइवर
Delhi NCR में रियलिटी (Ground Truth)
- 70% से ज्यादा गाड़ियाँ → डेली टारगेट मॉडल
- ड्राइवर रोज़ाना 10–14 घंटे काम करता है
- Surge / Weekend पर कमाई ज्यादा
- मालिक का रिस्क: एक्सीडेंट, ड्राइवर भाग जाना, फाइन
- ड्राइवर का रिस्क: कम ट्रिप, अकाउंट ब्लॉक