1. फिक्स सैलरी मॉडल (Salary Basis)
अगर मालिक ड्राइवर को ₹20,000 फिक्स सैलरी देता है और गाड़ी Ola / Uber (Delhi-NCR) में चलती है, तो नीचे मालिक की कुल कमाई (Gross), खर्च और नेट प्रॉफिट का रियलिस्टिक कैलकुलेशन दिया है।
मै Sedan (Dzire / Etios / Aura) का उदाहरण ले रहा हूँ, क्योंकि यही सबसे कॉमन है।
1. Ola / Uber से गाड़ी की कुल कमाई (Monthly Gross)
औसत रनिंग (10–12 घंटे, 26 दिन):
- ₹2,800 – ₹3,500 / दिन
महीने की कुल कमाई
- ₹72,000 – ₹90,000
2. मालिक के खर्च (Salary Model)
(A) ड्राइवर सैलरी
- ₹20,000
(B) ईंधन (CNG)
- ₹900 – ₹1,100 / दिन
- ≈ ₹24,000 – ₹28,000 / माह
(C) Ola / Uber कमीशन
- 20–25%
- ≈ ₹14,000 – ₹18,000
(D) मेंटेनेंस + सर्विस
- ₹3,000 – ₹5,000
(E) अन्य खर्च (Insurance, EMI, Parking, Mobile)
- ₹2,000 – ₹4,000
3. कुल खर्च (Monthly)
👉 ₹63,000 – ₹75,000
4. मालिक का नेट प्रॉफिट (सबसे ज़रूरी)
| कुल कमाई | कुल खर्च | मालिक का फायदा |
| ₹72,000 | ₹63,000 | ₹9,000 |
| ₹80,000 | ₹68,000 | ₹12,000 |
| ₹90,000 | ₹75,000 | ₹15,000 |
✅ रियलिस्टिक नेट प्रॉफिट
₹8,000 – ₹15,000 / माह
5. (Ground Reality)
- सैलरी मॉडल में मालिक का प्रॉफिट लिमिटेड रहता है
- अगर ड्राइवर ठीक से 12 घंटे नहीं चलाता → प्रॉफिट ₹5k तक गिर सकता है
- एक्सीडेंट / छुट्टी / गाड़ी खराब = सीधा नुकसान
इसी वजह से:
- Most owners salary model avoid करते हैं
- Daily target model ज़्यादा पसंद किया जाता है